आज से नए GST रेट लागू, कौन सा सामान सस्ता हुआ और क्या महंगा |
आज से नए GST रेट लागू, कौन सा सामान सस्ता हुआ और क्या महंगा |
GST Rate 2026: भारत में जीएसटी यानी गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स की दरें हर साल आम जनता की जेब पर सीधा असर डालती हैं। जनवरी 2026 आते ही लोगों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या इस साल कोई नई GST दरें लागू हुई हैं, कौन-कौन से सामान सस्ते हुए हैं और किन चीजों पर अब ज्यादा टैक्स देना पड़ेगा। दरअसल, 2026 में कोई बिल्कुल नई दरें अचानक से लागू नहीं हुई हैं, बल्कि अक्टूबर 2025 में जीएसटी काउंसिल ने जो सुधार किए थे, वही अभी प्रभावी हैं। इसे GST 2.0 के नाम से जाना जाता है और यही ढांचा पूरे 2026 में चलने वाला है। आइए समझते हैं कि इस साल GST की संरचना कैसी है और आपकी रोजमर्रा की खरीदारी पर इसका क्या असर पड़ रहा है।
GST Rate 2026 की संरचना क्या है
वर्तमान में GST की दरों को सरल बनाने के लिए मुख्य रूप से दो बड़ी स्लैब्स पर जोर दिया गया है – 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत। इसके अलावा कुछ अत्यंत जरूरी वस्तुओं को 0 प्रतिशत GST के दायरे में रखा गया है ताकि गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर महंगाई का बोझ न बढ़े। खास किस्म की चीजों के लिए 3 प्रतिशत और 0.25 प्रतिशत जैसी विशेष दरें भी हैं, जबकि लग्जरी सामान और हानिकारक उत्पादों पर 28 प्रतिशत से लेकर 40 प्रतिशत तक का भारी टैक्स लगाया जाता है। सरकार की रणनीति साफ है कि आम उपयोग की चीजें किफायती रहें और विलासिता वाले सामान पर अधिक कर वसूला जाए। इसी कारण अनाज, दूध, ताजा फल और सब्जियां 0 प्रतिशत GST में आती हैं, जबकि ज्यादातर सेवाएं और उपभोक्ता सामान 18 प्रतिशत स्लैब में रखे गए हैं।
GST Rate 2026 से जुड़ी मुख्य बातें
इस साल की GST व्यवस्था में सबसे अहम बात यह है कि टैक्स स्लैब्स की संख्या घटाकर सिस्टम को आसान बनाया गया है। पहले जहां कई अलग-अलग दरें थीं, अब ज्यादातर सामान सिर्फ दो-तीन मुख्य स्लैब्स में आते हैं। रोजमर्रा के FMCG प्रोडक्ट्स जैसे साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट और डिटर्जेंट को पहले 18 प्रतिशत स्लैब में रखा गया था, लेकिन अब इन्हें 5 प्रतिशत में लाया गया है। इसी तरह मिड-रेंज के कपड़े, जूते और पैकेज्ड खाद्य पदार्थ जैसे बिस्किट, चाय और चीनी भी अब 5 प्रतिशत GST के दायरे में हैं। दूसरी ओर, तंबाकू उत्पाद, शराब, पान मसाला जैसी चीजों पर 28 से 40 प्रतिशत तक का भारी टैक्स लगता है क्योंकि सरकार इनके इस्तेमाल को कम करना चाहती है। व्यावसायिक LPG सिलेंडर पर भी अधिक दर लागू है जो छोटे कारोबारियों के लिए चुनौती बन रहा है।
GST Rate 2026 से मिलने वाले लाभ और असर
आम उपभोक्ता के लिए इस नई GST संरचना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि दैनिक उपयोग के सामान पहले से सस्ते हो गए हैं। साबुन, शैंपू, कपड़े और पैकेज्ड फूड आइटम्स पर टैक्स कम होने से महीने का खर्च संतुलित रखना आसान हुआ है, खासकर मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए। कारोबारियों के लिए भी सिस्टम सरल होने से अनुपालन में आसानी हुई है। हालांकि, तंबाकू और शराब जैसे उत्पादों पर भारी टैक्स का असर उनकी खुदरा कीमतों में तेज बढ़ोतरी के रूप में दिख रहा है। इसके साथ ही कमर्शियल LPG महंगा होने से होटल, रेस्तरां और छोटे फूड बिजनेस की लागत बढ़ी है, जिसका असर ग्राहकों तक पहुंच सकता है। कुल मिलाकर, जरूरी चीजों पर राहत और गैर-जरूरी सामान पर अधिक टैक्स की यह रणनीति महंगाई नियंत्रण और राजस्व संतुलन दोनों का प्रयास है।
GST Rate 2026 की खास बातें
इस साल की GST व्यवस्था की सबसे खास बात यह है कि इसमें पारदर्शिता और सरलता पर फोकस किया गया है। पहले की तुलना में अब स्लैब्स कम हैं और किसी भी सामान पर लगने वाली दर को समझना आसान हो गया है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अनाज, दाल, आटा, खाद्य तेल जैसी बुनियादी जरूरतों पर 0 प्रतिशत GST बरकरार रहेगा ताकि गरीब परिवारों पर कोई अतिरिक्त बोझ न पड़े। इलेक्ट्रॉनिक्स, बीमा सेवाओं और घरेलू उपकरणों पर भी दरों को और तर्कसंगत बनाने की योजना है। आने वाले महीनों में जीएसटी काउंसिल की बैठकों में 12 प्रतिशत स्लैब को पूरी तरह खत्म करने पर विचार किया जा सकता है, जिससे सिस्टम और भी सरल हो जाएगा।
GST Rate 2026 का उद्देश्य और मकसद
सरकार और जीएसटी काउंसिल ने इन सुधारों को लागू करने का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों पर महंगाई का दबाव कम करना और साथ ही कर व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना है। जरूरी सामानों पर कम टैक्स से मध्यम और गरीब परिवारों को राहत मिलती है, जबकि विलासिता की वस्तुओं और हानिकारक उत्पादों पर ऊंची दरों से सरकार को अधिक राजस्व मिलता है और उनके उपभोग को हतोत्साहित भी किया जाता है। इसके साथ ही टैक्स स्लैब्स को कम करके छोटे और बड़े कारोबारियों के लिए अनुपालन प्रक्रिया को आसान बनाना भी एक प्रमुख लक्ष्य है। अर्थव्यवस्था को गति देने और उपभोक्ता विश्वास बनाए रखने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Declamier: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। GST की दरें समय-समय पर सरकार और जीएसटी काउंसिल के निर्णयों के अनुसार बदल सकती हैं। किसी भी वित्तीय या खरीद संबंधी निर्णय लेने से पहले आधिकारिक अधिसूचना या विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। इस लेख में दी गई जानकारी पर निर्भर करने से पहले स्वयं सत्यापित करें।




