हो गया फाइनल किसानो की PM किसान योजना की 23 वि क़िस्त इस दिन होगी जारी 

हो गया फाइनल किसानो की PM किसान योजना की 23 वि क़िस्त इस दिन होगी जारी 

PM Kisan 23nd Installment: देशभर के करोड़ों किसान परिवारों के लिए एक बेहद खुशी की खबर आई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की बहुप्रतीक्षित 23वीं किस्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा असम के गुवाहाटी से 13 मार्च 2026 को जारी कर दी गई। इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों के बैंक खातों में दो हजार रुपये की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से सीधे पहुँचाई गई। खासकर रबी फसल की कटाई के इस व्यस्त मौसम में जब किसानों को आर्थिक सहायता की सबसे अधिक जरूरत होती है, तब यह किस्त उनके लिए एक बड़ी राहत लेकर आई है। किस्त जारी होने के कुछ ही घंटों में अधिकांश लाभार्थियों के खातों में राशि पहुँच गई।

पीएम किसान योजना 2026

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत फरवरी 2019 में देश के छोटे और सीमांत किसान परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र किसान परिवार को हर वर्ष छह हजार रुपये की सहायता राशि तीन समान किस्तों में दी जाती है जो सीधे उनके आधार से जुड़े बैंक खाते में पहुँचती है। यह दुनिया के सबसे बड़े प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण कार्यक्रमों में से एक है जिसमें लगभग नौ करोड़ किसान परिवार लाभान्वित होते हैं। देश में लगभग 85 प्रतिशत किसान दो हेक्टेयर से कम भूमि के स्वामी हैं और यह योजना विशेष रूप से उन्हीं की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए बनाई गई है।

21 किस्तों की सफल यात्रा

PM Kisan 23nd Installment: इस योजना की 21 किस्तें पहले ही सफलतापूर्वक जारी हो चुकी हैं और प्रत्येक किस्त के साथ लाखों किसान परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता मिलती रही है। 21वीं किस्त नवंबर 2025 में तमिलनाडु के कोयंबटूर से जारी की गई थी जिसमें करोड़ों किसानों के खाते में राशि पहुँची थी। अब 22वीं किस्त का जारी होना इस बात का प्रमाण है कि सरकार योजना को निरंतर और नियमित रूप से चला रही है। खरीफ, रबी और जायद फसल के विभिन्न मौसमों में यह आर्थिक सहायता किसानों को बीज, खाद, सिंचाई और अन्य कृषि जरूरतों के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराती है जो उनकी उत्पादकता और जीवन स्तर दोनों को बेहतर बनाने में सहायक होती है।

ईकेवाईसी अनिवार्य

पीएम किसान योजना के पोर्टल पर यह स्पष्ट रूप से उल्लिखित है कि सभी पंजीकृत किसानों के लिए ईकेवाईसी यानी इलेक्ट्रॉनिक केवाईसी करवाना अनिवार्य है और जिन किसानों ने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है उनके खाते में किस्त की राशि नहीं पहुँचेगी। ईकेवाईसी दो तरीकों से पूरी की जा सकती है। पहला तरीका ऑनलाइन है जिसमें pmkisan.gov.in पोर्टल पर जाकर ओटीपी के माध्यम से प्रक्रिया पूरी की जाती है। दूसरा तरीका ऑफलाइन है जिसमें नजदीकी जन सेवा केंद्र यानी सीएससी पर जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिये ईकेवाईसी की जाती है। इसके अलावा बैंक खाते का आधार से जुड़ा होना और भूमि रिकॉर्ड का अपडेट होना भी उतना ही जरूरी है।

किस्त का स्टेटस घर बैठे जाँचें

योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सरकार ने किसानों को घर बैठे अपनी किस्त की स्थिति जाँचने की सुविधा दी है जिससे उन्हें किसी कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। इसके लिए pmkisan.gov.in पोर्टल पर जाएं और फार्मर्स कॉर्नर में उपलब्ध बेनिफिशियरी स्टेटस विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद अपना पंजीकरण क्रमांक या आधार नंबर दर्ज करें और ओटीपी के माध्यम से अपनी पहचान की पुष्टि करें। इसके बाद आपकी सभी पिछली किस्तों का विवरण, ईकेवाईसी की स्थिति और बैंक खाते की जानकारी स्क्रीन पर दिखाई देगी। यदि किसी किस्त का भुगतान लंबित दिखे तो पीएम किसान हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके समस्या का समाधान प्राप्त किया जा सकता है।

किस्त नहीं आई तो क्या करें

PM Kisan 23nd Installment: यदि किसी किसान के खाते में 22वीं किस्त की राशि नहीं पहुँची है तो उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि इसके पीछे आमतौर पर कुछ तकनीकी या दस्तावेजी कारण होते हैं जिन्हें ठीक किया जा सकता है। ईकेवाईसी का अधूरा होना, बैंक खाते का आधार से न जुड़ा होना, भूमि रिकॉर्ड में किसी गलती का होना या पंजीकरण में कोई त्रुटि होना इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं। ऐसे किसानों को तुरंत पीएम किसान पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी जाँचनी चाहिए और जो भी कमी हो उसे समय पर ठीक करना चाहिए ताकि अगली किस्त में राशि आ सके। किसान पीएम किसान हेल्पलाइन नंबर 155261 या 1800115526 पर निःशुल्क संपर्क करके सहायता ले सकते हैं।

योजना में कौन पात्र है और कौन नहीं

पीएम किसान योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ आवश्यक पात्रता शर्तें हैं जिनकी जानकारी हर किसान के लिए जरूरी है। किसान का नाम भूमि रिकॉर्ड में होना चाहिए और उसका पंजीकरण सरकारी पोर्टल पर होना अनिवार्य है। हालाँकि कुछ श्रेणियों को इस योजना से बाहर रखा गया है जैसे आयकर दाता परिवार, सरकारी नौकरी में कार्यरत लोग, दस हजार रुपये से अधिक मासिक पेंशन पाने वाले और डॉक्टर, इंजीनियर, वकील जैसे पेशेवर। यह सुनिश्चित करना किसान की जिम्मेदारी है कि वे सही जानकारी के साथ पंजीकरण करें क्योंकि गलत या भ्रामक जानकारी देने पर राशि वापस ली जा सकती है और कार्रवाई भी हो सकती है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ता है व्यापक असर

पीएम किसान योजना की एक-एक किस्त का असर केवल व्यक्तिगत किसान तक सीमित नहीं रहता बल्कि पूरे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। जब करोड़ों किसान परिवारों के हाथ में एक साथ अतिरिक्त राशि आती है तो वे स्थानीय बाजार में खरीदारी करते हैं, छोटे दुकानदारों का

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